मज़दूर का सवाल जवाब- કવિ દેવ ગઢવી નાના કપાયા

 *प्रश्न*

कोण कर्म में कर्यो,पत्थर दियो थल?

मेहनत थाक्यो रहयो,शरीर होत

निर्बल!

*उतर*

जाकी जैसी करनी,वैसो दियो में फल

पत्थर पे तुम नींद दियो,सेठ दियो

मखमल


भावार्थ: एक मजदूर को सवाल आया प्रभु से प्रश्न पूछा क्या कर्म किया हे जो इतना मेहनत करने के बाद भी पत्थर पे सिर रखकर सोना पड़ता हे और शरीर निर्बल होता जा रहा हे(प्राप्त भोजन नहीं हे)?


प्रभु का उत्तर था जिसका जैसा कर्म था उस हिसाब से उसको फल दिया हे,मेरी लीला तुम नहीं समझ सकते,तुम पत्थर पे भी आराम से सो सकते हो परन्तु सेठ मखमल पे भी सो नहीं पाता 

✍🏻देव गढ़वी

नाना कपाया,मुंद्रा

        कच्छ

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